दिवाली पर पटाखे फोड़ सकेंगे? हां, तो क्या समय रहेगा? जानें किस राज्य में क्या है नियम – diwali 2022 firecrackers guidelines delhi haryana punjab west bengal tamil nadu cracker rules timing ntc

फूटेंगे… कहीं सिर्फ दीये जलेंगे… कुछ इस तरह होगी इस बार की दिवाली.

प्रदूषण की वजह से पटाखों को लेकर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं हैं. पटाखों पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए जब याचिका दायर की गई तो दौरान कोर्ट ने कहा कि जश्न के तरीके और हैं. पैसा पर करें.

पर पाबंदियों की वजह से इसके कारोबार से जुड़े लोगों पर भी पड़ रहा है. शिवाकाशी पटाखों का बड़ा हब है. पटाखा इंडस्ट्री से 6.5 लाख परिवार जुड़े हैं. का खर्च इसी से चलता है. कोरोना से पहले यहां की पटाखा इंडस्ट्री हर साल 6 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करती थी. कोरोना और फिर पाबंदियों वजह से इंडस्ट्री को धक्का लगा है.

में तो पटाखों को लेकर कोई पाबंदी नहीं है. राज्य ऐसे हैं जहां तो फोड़ सकते हैं, सिर्फ ग्रीन. , में तो किसी भी तरह का नहीं फोड़ सकते. इतना ही नहीं, दिल्ली में अगर पटाखा फोड़ भी लेते हैं तो 6 महीने की जेल हो जाएगी. .

लेकर किस राज्य में क्या नियम?

तरह के पटाखों की बिक्री, भंडारण और मैनुफैक्चरिंग पर पूरी तरह रोक है. पटाखे जलाने पर 6 महीने की कैद और 200 रुपये के जुर्माने की सजा होगी. जबकि बनाने, बेचने और स्टोर करने पर 3 साल की जेल और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

दिवाली के दिन रात में 8 बजे से लेकर 10 बजे तक सिर्फ दो घंटे ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी. पटाखे सकेंगे. मंत्री गुरमीत सिंह ने बताया है कि ग्रीन पटाखों के अलावा बाकी सभी दूसरे तरह के की बिक्री और पर रोक रहेगी.

में ग्रीन पटाखों को बाकी सारे पटाखों की बिक्री, और पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. आदेश के मुताबिक, सारे पटाखों से जहरीली गैस निकलती है, पटाखों को छोड़कर बाकी सभी तरह के पटाखों पर रोक है.

ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी सभी तरह के पटाखों की और भंडारण पर प्रतिबंध है. काली पूजा और दिवाली के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी. पूजा के दिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे चला सकेंगे.

में पिछले चार साल से पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय तय है. तमिलनाडु में सुबह 6 से 7 बजे तक और रात में 7 से 8 बजे तक पटाखे फोड़ सकते हैं. में पटाखे फोड़ने के लिए समय तय किया है.

पढ़ें– हवा में कौन घोल रहा जहर… पटाखे कितने जिम्मेदार?

से वाकई प्रदूषण बढ़ता है?

सालों से दिवाली आते ही पटाखों की बिक्री और उपयोग पर लगा दी जाती है. खासकर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में. इसलिए किया जाता है ताकि खराब होती हवा को और खराब से बचाया जा सके.

फरवरी 2018 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड पॉलिसी ने की खराब हवा पर पटाखों असर पर एक स्टडी की थी. 2013 से 2016 डेटा लिया गया था. डेटा के आधार पर दावा किया गया था कि दिवाली के अगले दिन दिल्ली में हर साल PM2.5 की मात्रा 40% तक बढ़ गई थी. वहीं, दिवाली की शाम 6 बजे से रात 11 बजे के बीच PM2.5 में 100% की बढ़ोतरी हुई थी.

इसी तरह मई 2021 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट आई थी. रिपोर्ट में 2020 की दिवाली के पहले और बाद के वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण की जानकारी दी गई थी. रिपोर्ट में दिल्ली, भोपाल, आगरा, बेंगलुरु समेत 8 शहरों का डेटा था.

इस रिपोर्ट में बताया गया था कि दिवाली बाद अगले दिन 8 शहरों में PM10 की मात्रा में 22% से 114% की बढ़ोतरी हो गई थी. इसके मुताबिक, दिवाली के बाद दिल्ली में PM10 की मात्रा 67.1% बढ़ गई थी. , में ये 114% गई थी. वहीं, दिल्ली में PM2.5 की मात्रा 82.9% और लखनऊ में 67.6% तक बढ़ गई थी.

वातावरण में मौजूद PM2.5 बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि ये हमारे बालों से भी 100 गुना छोटा होता है. PM2.5 मतलब है 2.5 माइक्रॉन का कण. 1 का 10 हिस्सा. हवा में जब इन कणों की मात्रा बढ़ जाती है तो विजिबिलिटी प्रभावित होती है. ये इतने छोटे होते हैं कि हमारे शरीर में जाकर खून में घुल जाते हैं. और सांस लेने में दिक्कत होती है.

पटाखे कितने खतरनाक होते हैं? आंकड़ों से भी समझा जा सकता है. 4 को दिवाली थी. CPCB का डेटा बताता है कि 3 नवंबर को दिल्ली में AQI 314 के स्तर पर था, जो 4 नवंबर को बढ़कर 382 पर आ गया और अगले दिन यानी 5 नवंबर को 462 पर आ गया.

क्या है गाइडलाइन?

बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक नहीं है. साल दिल्ली में प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी प्रतिबंध केवल उन पटाखों पर रोक जिनमें बेरियम सॉल्ट होता है. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को सुप्रीम कोर्ट ने ‘इमरजेंसी’ बताया था.

पहले 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन जारी की थी. , ग्रीन पटाखे या ईको फ्रेंडली पटाखे जलाए जा सकते हैं. सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानदार ही बेच सकेंगे.

में पटाखों को फोड़ने का भी तय किया था. दिवाली रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जा सकते हैं. , और न्यू ईयर की रात 11:55 12:30 तक पटाखे फोड़ सकते हैं.

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