वो कंपनी जो मिकी माउस के जरिए हर घर तक पहुंची…आज भारत में सबसे सफल ओटीटी की मालिक | Walt Disney 2022 Earnings; Disney Market Cap, Media Networks & Employees Statstic

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वॉल्ट डिज्नी कहा करते थे– सपने देखो और फिर उन्हें पूरा करने में जुट जाओ।
डिज्नी कंपनी को कौन नहीं जानता? यह कंपनी इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। जो भी सपने देखे, सच कर दिखाया। सपने दिखाए और उन्हें पूरा भी किया। डिज्नी भाइयों- वॉल्ट और रॉय- ने डिज्नी ब्रदर्स कार्टून स्टूडियो नाम से 16 अक्टूबर 1923 को यह कंपनी बनाई थी। शुरू हुई तो वॉल्ट डिज्नी ने कई संकटों का सामना किया। लिए भी पैसे नहीं होते थे। नहीं थे। मई 1928 में मिकी हाउस ने न केवल वॉल्ट डिज्नी को पहचान दिलाई, बल्कि ऐसी सक्सेस स्टोरी लिखी जो आज पूरी दुनिया देख रही है। द वॉल्ट डिज्नी अपने 100वें साल में प्रवेश कर चुकी है। एनिमेशन स्टूडियो से शुरू हुई इसकी यात्रा 12 थीम पार्क और दुनिया के सबसे बड़े एंटरटेनमेंट हब-प्रोडक्शन हाउस के साथ जारी है।
एम्पायर में जानिए डिज्नी की कहानी…

1923 डिज्नी की नींव, मिकी माउस का नाम पत्नी की सलाह पर रखा था
1923 गर्मियों में कैलिफोर्निया आए। सिटी में उन्होंने पहला कार्टून ‘एलिस इन वंडरलैंड’ बनाया। एक डिस्ट्रीब्यूटर एम.जे. विंक्लर ने वॉल्ट के साथ करार किया और इस तरह 16 अक्टूबर 1923 को डिज्नी की नींव पड़ी। 1923 माउस नामक कार्टून चरित्र की रचना की। में अपनी पत्नी की सलाह पर उसे मिकी नाम दिया। दी। इस तरह पहली बोलते और चलते कार्टून की शुरुआत हुई। फिल्म के जरिए मिकी माउस की शरारतें दुनिया के सामने आईं। अमेरिकी मंदी के दिनों में डिज्नी ने एक फंतासी रची जहां बुरे हमेशा हारे और भलों की हमेशा जीत हुई। उनके एनिमेशन कार्टून कैरेक्टर्स मिकी, प्लूटो, डोनाल्ड, गूफी आदि ने घर-घर में जगह बनाई।

का आइडिया चूहे की उछल कूद देखकर आया

को मिकी का आइडिया भी अजीब तरह से आया था। वे कान्सस स्टूडियो में बैठे थे, तभी उनकी टेबल पर एक चूहा चढ़ गया था। उसकी हरकतें देखकर ही मिकी बनाया और उसी मिकी ने डिज्नी को अपना सुनहरा दौर दिखाया।

सबसे ज्यादा कमाई उसके थीम पार्क और मर्चेंडाइज से

डिज्नी की आय का मुख्य सोर्स फिल्में या मूवी स्ट्रीमिंग नहीं बल्कि थीम पार्क और मर्चेंडाइज से होने वाली आय है। पार्क में स्टोर्स के अलावा दुनियाभर में मर्चेंडाइज का बिजनेस बहुत बड़ा है। खिलौनों के साथ-साथ फिल्मों से जुड़ी चीजों की भी बहुत मांग है। ऑल टाइम फेवरेट रहीं फिल्में जैसे मार्वल, स्टार वार्स, अवतार, टॉय स्टोरी, इंडियाना जोन्स, पायरेट्स ऑफ द कैरेबियन, द लायन किंग की फ्रेंचाइजी है। कोविड-19 से पहले पार्क और प्रोडक्ट से डिज्नी को 58 फीसदी का मुनाफा हुआ था। 2019 डिज्नी की इनकम 91 हजार करोड़ रुपए थी, वहीं रेवेन्यू 5 लाख करोड़ रुपए था। इसी साल नेटफ्लिक्स से मुकाबला करने के लिए डिज्नी ने डिज्नी प्लस भी लॉन्च किया था।

सबसे सफल ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार
2015 हुए हॉटस्टार को डिज्नी ने 2017 में टेकओवर कर लिया था।
में अपनी सीमलेस स्ट्रीमिंग की वजह से डिज्नी का ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स जैसी बड़ी कंपनी को भी मात देने में सफल रहा है। भारतीय ओटीटी मार्केट में हॉटस्टार दर्शकों के मामले में 29% हिस्सा प्राप्त करने में सफल रहा है। में बाकी ओटीटी की तुलना में हॉटस्टार के पास सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर है। कि हमें पता इस कंपनी की शुरुआत कैलिफोर्निया से हुई; भारत में अभी इसके सब्सक्राइबर्स वहां की मौजूदा आबादी(3.9 करोड़) से भी ज्यादा है। एक तरफ जहां अमेजन के पास 1,70 करोड़, नेटफ्लिक्स के पास 50 लाख तो वही हॉटस्टार के पास 5 करोड़ से भी ज्यादा पेड सब्सक्राइबर्स है।

डिज्नी का मानना- बाजार में बने रहने के लिए खुद को खास बनाओ
डिज्नी और उनकी दो बेटियों के पास मनोरंजन के लिए संसाधन सीमित थे। को डिज्नी ने समझा और थीम पार्क की योजना बनाई। वॉल्ट के समय में एम्युजमेंट पार्क छोटे, गंदे और असुरक्षित होते थे। ने मॉडर्न डे थीम पार्क की जरूरत समझी। आइडिया बाद में दुनियाभर में कॉपी हुआ। के थीम पार्क में सारी राइड्स बड़ी और असली होने का अहसास कराती हैं। 3-डी शो में घूमती हुई कुर्सी, ऊपर से गिरती हुई बूंदें..ऐसे ही कई अहसास इसे अनोखा और खास बनाते हैं। कहते थे कि बाजार में बने रहने के लिए हमेशा अलग और खास बने रहना जरूरी है। ग्लोबल अट्रेक्शन अटेंडेंस रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर के वॉल्ट डिज्नी थीम पार्क में 2018 में कुल 15 करोड़ 73 लाख दर्शक आए। जबकि इसके सबसे नजदीकी प्रतिस्पर्धी मर्लिन एंटरटेनमेंट ग्रुप के पार्क में 6 करोड़ 70 लाख पर्यटक आए। पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स में 5 करोड़ लोग आए।

है डिज्नी कंपनी?

द वॉल्ट डिज्नी कंपनी अपनी सब्सिडरी कंपनी के साथ मिलकर चार क्षेत्रों में व्यापार करती है। मीडिया नेटवर्क, पार्क-एक्सपीरियंस एंड प्रोडक्ट, स्टूडियो एंटरटेनमेंट और डायरेक्ट टू कंज्यूमर एंड इंटरनेशनल (डीटीसीआई)

1. ईएसपीएन, एबीसी, नेशनल जियोग्राफिक, हिस्ट्री जैसे टीवी चैनल्स आते हैं।

2. , और प्रोडक्ट- के 12 थीम पार्क इस डिपार्टमेंट के अंदर आते है। डिज्नीलैंड रिजॉर्ट कैलिफोर्निया से लेकर डिज्नीलैंड पेरिस तक, सबकी जिम्मेदारी इसी डिपार्टमेंट की है।

3. – के सारे एनिमेशन स्टूडियोज आते है। इनमें मुख्य रूप से 21 फर्स्ट सेंचुरी फॉक्स से लेकर पिक्सार जैसे स्टूडियोज शामिल है।

4. डिज्नी से जुड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए रखना, इस डिपार्टमेंट का काम है। से लेकर ईएसपीएन प्लस जैसे ओटीटी शामिल है।

लिए सेल्समेन बनना जरूरी: डिज्नी
वॉल्ट खुद पर भरोसा करते थे और दूसरों को उन पर भरोसा करने के लिए भी मना लेते थे। वाइट बनाने के दौरान बीच में ही वॉल्ट की पूंजी खत्म हो गई। तक कि घरवालों ने भी प्रोजेक्ट से हाथ पीछे खींचने के लिए कहा। प्रोड्यूसर्स के पास जाते और फिल्म के रॉ फुटेज दिखाते। एनिमेशन की दुनिया में पहली सफलता रही। बनाने के लिए पैसा जुटाने में वॉल्टने टेलीविजन स्टूडियो की मदद ली और डिज़्नी प्रोग्राम दिखाने का ऑफर देकर वित्तीय संसाधन जुटाए। का प्रचार ही हो गया।

ही कंपनी की छवि होती है
कंपनी लगातार इस बात पर जोर देती हैं कि डिज़्नी खास, अलग, अनूठी, जादुई है। शेयरहोल्डर को भेजी जाने वाली कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में भी ऐसे शब्द और वाक्य भरे रहे हैं, जैसे सपने, आनंद, रोमांच, खुशी, कल्पना और जादू डिज़्नी का सार है। वॉल्ट कहते थे कि आप जो कहते हैं, जैसा सोचते हैं, कंपनी भी उसी हिसाब से आगे बढ़ती है। 1934 में, वॉल्ट डिज्नी का लक्ष्य कुछ ऐसा करने का था, जो फिल्म उद्योग में पहले कभी नही किया गया था : एक सफल फुल-लेंथ एनिमेटेड फीचर फिल्म बनाना। स्नो वाइट बनाने में डिज्नी ने कंपनी के अधिकतम संसाधनों का निवेश किया और उद्योग के उन लोगों की अवहेलना की, जिन्होंने इसे डिज्नी की मूर्खता कहा था।

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