हिमाचल के रण का ऐलान: बीजेपी के लिए कौन है तलवार तो कौन बनेगा कांग्रेस का बाण?

प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे और 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे. प्रदेश में कुल 68 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 55.07.261 वोटर मतदान करेंगे. बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के पास 43 सीटें तो कांग्रेस की अगुवाई वाला यूपीए के पास 22 सीटें हैं.

रस्तोगी

रस्तोगी

Updated on: 14 Oct 2022 | 8:19 pm

प्रदेश में चुनाव 2022 बज है. ने चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बाद से ही सभी राजनीतिक ने अपनी कस ली है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ऐड़ी चोटी का जोर लगाने में लगी है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी अपनी ताकत झोंक दी है. , बीजेपी और कांग्रेस के साथ ही इस बार प्रदेश में आम आदमी पार्टी (आप) ने भी चुनाव में एंट्री मारी है. में दोनों पार्टियां को बिल्कुल भी में लेने को तैयार नहीं चरण में अगले महीने बीजेपी ने चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है.

, कांग्रेस ने भी पार्टी में आधा दर्जन से ज्यादा पद के चेहरों को लेकर दावा किया है. आदमी पार्टी की बात करें तो पार्टी अपने एक कद्दावर पर पूरा जता रही है. आपको बता दें कि प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे और 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे. प्रदेश में कुल 68 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 55.07.261 वोटर मतदान करेंगे. बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के पास 43 सीटें तो कांग्रेस की अगुवाई वाला यूपीए के पास 22 सीटें हैं.

जानें प्रदेश के कद्दावर नेता बीजेपी

  • नड्डा- की लिस्ट में जेपी नड्डा खास स्थान रखते हैं. की राजधानी पटना में जन्में नड्डा की एलएलबी की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में हुई. से नड्डा ने छात्र संघ लड़ा और जीत की. साल 1991 उन्हें अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया. बाद साल 1993 में प्रदेश की ही बिलासपुर विधानसभा सीट से चुनाव और जीत हासिल की. इसी सीट से 1998 और 2007 लड़ा जीत हासिल की. के मुताबिक, बिलासपुर सीट पर नड्डा बड़ा है.
  • जिले की थुनाग तहसील के एक तांदी गांव में जन्में जयराम प्रदेश में बीजेपी के कद्दावर राजनेताओं में से एक हैं. सीट से 2017 विधायक चुने जाने बाद मुख्यमंत्री गए थे. किसान परिवार में पले-बड़े जयराम ठाकुर ने साल 1993 में कदम था, चुनाव के लिए पैसों का इंतजाम सका और हार का सामना करना पड़ा. मेहनत और अपने प्रभुत्व के बलपर साल 1998 वह पहली बार जीत का स्वाद चखा. बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक पांच बार जीत दर्ज की. कुर्सी पहुंचे.
  • के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता कुमार धूमल के बेटे 48 साल के अनुराग ठाकुर का जन्म में हुआ था. हमीरपुर लोकसभा सीट से सांसद अनुराग ठाकुर प्रदेश को केंद्र सरकार में सूचना एवं के खेल और युवा मामलों के की जिम्मेदारी भी है. चलते अनुराग ठाकुर प्रदेश के साथ ही देश की राजनीति में खासा दखल रखते हैं. पॉलिटिकल की 2008 थी. अब तक चार बार सांसद चुने जा चुके हैं. ही भाजयुमो के अध्यक्ष भी रहे हैं. में बीजेपी के लिए हमीरपुर में ठाकुर मजबूत हैं.
  • ठाकुर- के जोगिंदर नगर में जन्में 74 74 जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते हैं. साल 2017 चुनाव मैदान में जोगिंदर नगर विधानसभा सीट से बीजेपी गुलाब ठाकुर को उतारा था. के बाद भी जीत हासिल नहीं कर सके. इनके पॉलिटिकल करियर की बात करें तो ठाकुर साल 1977 में जनता पार्टी से वह पहली बार विधायक चुने गए थे. बाद 1990 ,1993 और 1998 से विधायक हुए. उन्होंने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया. 7 बीर जीत और दो बार हार का मुंह देखने वाले गुलाब ठाकुर 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर दम दिखाने को तैयार हैं.
  • में जन्में 70 साल के सुरेश भारद्वाज जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली बीजेपी में कानून और शिक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत हैं. साथ ही शिमला निर्वाचन क्षेत्र विधान सभा के हैं. इनका है. प्रदेश की राजनीति में भी खासा दखल रखते हैं. 2003 से 2006 की बीजेपी भी हैं.
  • धूमल- समीरपुर में जन्में 78 के प्रेम कुमार धूमल ने साल 1984 से पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की थी. बार लोकसभा चुनाव में भाग लिया, हार का मुंह देखना पड़ा. साल 1989 चुनाव में मिली. के टिकट पर प्रदेश के बार सीएम रह हैं.

कांग्रेस

  • पंजाब के संगरूर में जन्में 60 साल के मुकेश अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश की सियासत में खासा रसूख रखते हैं. नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. विधानसभा से विधायक मुकेश कांग्रेस बड़ा चेहरा माने हैं. राजनीतिक करियर की साल 2003 की थी. 2007, 2012 और 2017 विधानसभा चुनाव जीत दर्ज की. बार से लगातार विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं.
  • में जन्में 69 साल के आनंद शर्मा कांग्रेस के कद्दावर में से एक हैं. गांधी के दौर से गांधी परिवार के साथ थे, इन्हें गांधी का करीबी माना जा रहा है. 2009 से 2014 मनमोहन सरकार में वह केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री थे. मात्र 31 साल की उम्र में राज्यसभा के लिए थे.
  • में जन्मीं 67 साल की आशा कुमारी हिमाचल प्रदेश राजनीति का बड़ा चेहरा हैं. 6 विधायक चुकी हैं. साल 1990 में इन्हें हार का सामना करना पड़ा. , 93, 98 2003 जीत का लहराया है. बात ये है कि आशा को संगठन में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है.
  • स्थित संबल में जन्में 77 साल के कौल सिंह ठाकुर कांग्रेस के बड़े कद्दावर नेताओं में से एक हैं. में साल 1973 रखा था. पहले बार मंडी सदर पंचायत के अध्यक्ष चुने थे. बाद 8 विधायक चुने गए. ठाकुर को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार के में माना जा रहा है.
  • में जन्में 71 साल के रामलाल ठाकुर एक किसान परिवार से हैं. 1985 प्रखर तौर पर राजनीति में छाए रहे. युवा कांग्रेस के जिला और प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव रहे. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक चुने गए. इसके बाद साल 1990 में फिर चुनाव लड़कर जीत हासिल की और स्वास्थ्य मंत्री बने. 1998 और 2003 विधायक बने, 2008 2012 चुनाव हारने के एक 2017 जीता.
  • कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में सबसे आगे 66 साल की प्रतिभा सिंह का नाम भी सामने आता है. के सीएम चेहरे के दावों प्रतिभा मजबूत शख्सियत हैं. 1998 करियर की की थी. यह है कि इन्होंने चुनाव इसी संसदीय क्षेत्र से लड़ा था. 2004 के लोकसभा चुनाव में दूसरी बार अपनी किस्मत आजमाई और पहली बार सदस्य निर्वाचित हुई थी. दें कि साल 2009 लोकसभा चुनाव उनके पति पूर्व सीएम सिंह ने लड़ा था.

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