Attached Property Of Lady Don Kishun Kumari Alias Panditaine – गोरखपुर: लेडी डॉन पंडिताइन की 13.52 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई


उर्फ ​​
– : उजाला।

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गोरखपुर में स्मैक की धंधेबाज लेडी डॉन किशुन कुमारी उर्फ ​​​​ की अपराध से अर्जित 13.52 करोड़ की संपत्तियों को बृहस्पतिवार को पुलिस एवं जिला प्रशासन ने कुर्क कर दिया। इनमें तीन मंजिला दो मकान-दुकान व एक दामाद के नाम पर दर्ज जमीन शामिल है। को कब्जे की जिम्मेदारी दी गई है। जोन में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। के मामलों में इस तरह की कार्रवाई पहले नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, राजघाट थाने की हिस्ट्रीशीटर नंबर 86 ए पर किशुन कुमारी उर्फ ​​​​ का नाम दर्ज है। चकरा अव्वल निवासी किशुन कुमारी अब शाहपुर में रहती है। पुलिस के मुताबिक, किशुन कुमारी ने ही गोरखपुर में स्मैक के धंधे की शुरुआत की थी। गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है। शाहपुर थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। तक 15 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

सांठगांठ से बंद करा ली थी हिस्ट्रीशीट
2015 में 26 लाख रुपये कीमत के स्मैक के साथ जब पंडिताइन पकड़ी गई थी, तब यह बात भी समाने आई थी कि एक दीवान की शह पर उसका पूरा धंधा चलता है। पुलिस से सांठगांठ कर उसने हिस्ट्रीशीट बंद करा ली थी, लेकिन फिर 31 अगस्त 2022 को खोल दी गई। उसके मददगारों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

  • आराजी संख्या 87, खाता संख्या 117, रकबा 0.328 हेक्टेयर, मकान संख्या 580 बी, बैनामा तिथि 8 मई 2017 किशुन कुमारी उर्फ ​​​​ द्वारा मकान संख्या 580 बी के 1/3 भाग बैनामा राजीव गुप्ता दामाद को शेष मकान के लिए रेनू पत्नी संजय पुत्री हरीनाथ , पत्नी राजीव पुत्री हरीनाथ निवासी 135 , बशारतपुर, शाहपुर।
  • भवन संख्या 9 जे मोहल्ला भेड़ियागढ़ नगर निगम, संजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, भगवती गुप्ता सभी पंडिताइन के दामाद हैं।
  • ग्राम हरसेवकपुर नंबर एक खतौरी 1427-32, खाता संख्या दो, गाटा संख्या 75, 2,913 हेक्टयर में राजीव गुप्ता के नामा से बैनामा जमीन।
के मुकदमे मुकदमे

कुमारी पर 15 मुकदमे दर्ज हैं। दो गैंगस्टर के हैं। और राजघाट पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज किया था। इसके अलावा राजघाट, कोतवाली, शाहपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है।

अन्य संपत्तियों का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
व अन्य संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। पता चला है कि किशुन कुमारी ने अपने कुछ रिश्तेदारों के नाम से भी कार व अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। मिला तो इसे भी जब्त किया जाएगा।

पर आ गया था जीडीए
के खिलाफ कार्रवाई की कवायद करीब एक महीने पहले भी पुलिस ने की थी। से मदद भी मांगी गई थी। जीडीए ने नक्शा न होने का हवाला देकर बुलडोजर चलाने की तारीख तय कर दी थी। पुलिस ने मकान को खाली भी करा दिया था, लेकिन रातोंरात जीडीए बैकफुट पर आ गया। नहीं हो पाई थी। बाद ही एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस की कार्रवाई को आगे बढ़ाया। कि गैंगस्टर के तहत बृहस्पतिवार को संपत्ति कुर्क कर दी गई।

कुमारी पर पहला केस मारपीट व हंगामे का 2002 में दर्ज हुआ था। बाद नशे के कारोबार में संलिप्तता का मामला सामने आया। , कोतवाली और राजघाट थाने में केस दर्ज किया गया। वर्ष 2008 में ट्रांसपोर्ट नगर के एक मकान को जब्त किया गया था, लेकिन अपना काम नहीं बंद किया।

ठिकाना बदलकर शाहपुर के खरैया पोखरा में रहने लगी, लेकिन धंधा जस का तस चलता रहा। 31 अगस्त 2022 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वर्ष 2017 में शाहपुर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। निरीक्षक शाहपुर रणधीर मिश्र ने आसपास के लोगों को कार्रवाई से अवगत कराया है।

अपराध से अर्जित 13.52 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। के तहत यह कार्रवाई की गई है। तक की एनडीपीएस एक्ट की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। में स्मैक का धंधा किशुन कुमारी ने शुरू किया था। इससे तमाम युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो गई पुलिस अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है, आगे भी इस तरह के अपराधियों पर ऐसी ही कार्रवाई होगी। – बिश्नोई, सिटी

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गोरखपुर में स्मैक की धंधेबाज लेडी डॉन किशुन कुमारी उर्फ ​​​​ की अपराध से अर्जित 13.52 करोड़ की संपत्तियों को बृहस्पतिवार को पुलिस एवं जिला प्रशासन ने कुर्क कर दिया। इनमें तीन मंजिला दो मकान-दुकान व एक दामाद के नाम पर दर्ज जमीन शामिल है। को कब्जे की जिम्मेदारी दी गई है। जोन में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। के मामलों में इस तरह की कार्रवाई पहले नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, राजघाट थाने की हिस्ट्रीशीटर नंबर 86 ए पर किशुन कुमारी उर्फ ​​​​ का नाम दर्ज है। चकरा अव्वल निवासी किशुन कुमारी अब शाहपुर में रहती है। पुलिस के मुताबिक, किशुन कुमारी ने ही गोरखपुर में स्मैक के धंधे की शुरुआत की थी। गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है। शाहपुर थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। तक 15 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

सांठगांठ से बंद करा ली थी हिस्ट्रीशीट

2015 में 26 लाख रुपये कीमत के स्मैक के साथ जब पंडिताइन पकड़ी गई थी, तब यह बात भी समाने आई थी कि एक दीवान की शह पर उसका पूरा धंधा चलता है। पुलिस से सांठगांठ कर उसने हिस्ट्रीशीट बंद करा ली थी, लेकिन फिर 31 अगस्त 2022 को खोल दी गई। उसके मददगारों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

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