Employees Also Worried About The Decision To Restore Old Pension, Fear Of Separation Of Da From Pension Amount – Punjab: पुरानी पेंशन बहाली के फैसले से भी मुलाजिम चिंतित, पेंशन राशि से डीए अलग किए जाने की आशंका


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– : उजाला

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पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग पूरी करने का एलान करके कर्मचारियों की वाहवाही तो लूट ली लेकिन ही कर्मचारी इस बात को लेकर आशंकित हो गए हैं कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली के नाम पर नई व्यवस्था करने जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को पेंशन के रूप में बेसिक वेतन का 50 फीसदी हिस्सा ही मिलेगा और डीए को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।

सिविल सचिवालय में कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। संबंध में वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल सरकार के फैसले के बारे में नोटिफिकेशन तैयार हो रहा है। ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

है कि 1972 से लागू पुरानी पेंशन स्कीम को 2004 में बंद कर दिया गया था। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर बेसिक वेतन की 50 फीसदी राशि और डीए (जो उस समय लागू हो) पेंशन के रूप में मिलते थे लेकिन 2004 के बाद कर्मचारियों के वेतन से पेंशन की मद में काटी गई 1100 करोड़ रुपये की राशि पंजाब सरकार ने 2021 में नेशनल सिक्योरिटी डिपोजिट लिमिटेड (एनएसडीएल) को दी, जिसने इसे बाजार में लगाया है। इस रकम पर अब एनएसडीएल ब्याज भी देता है, जिसे इसी राशि में जोड़ा जा रहा है, इस तरह सरकार पर पेंशन अदायगी का बोझ घटेगा। एनएसडीएल ने यह राशि कितने साल के लिए बाजार में लगाई है, इसकी जानकारी जुटाकर तय होगा कि यह राशि कब वापस ली जा सकती है।

इस बीच, कैबिनेट के शुक्रवार के फैसले को लेकर कर्मचारी संगठनों ने भी आशंका जताई है कि सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को 2004 से बहाल करते हुए अब पेंशन के रूप में केवल बेसिक वेतन की 50 फीसदी राशि ही देगी, जिसमें डीए नहीं जोड़ा जाएगा।

कर्मचारी संगठनों का मानना ​​​​ कि यदि पेंशन में डीए नहीं जोड़ा गया तो रिटायर्ड कर्मचारी को इसका कोई लाभ नहीं हो सकेगा, क्योंकि समय-समय पर कर्मचारियों के डीए में होने वाला बदलाव, पुरानी पेंशन स्कीम पर भी लागू होता था और पेंशन की थी।

निराश नहीं करने की उम्मीद :
सिविल सचिवालय के साझा मुलाजिम मंच के कन्वीनर सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ऐसी जोर पकड़ चुकी है लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि भगवंत मान सरकार ने जिस तरह मात्र सात महीने में अदायगी दरियादिली , पेंशन भी कर्मचारियों को निराश नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि 6 फीसदी डीए के साथ अब कर्मचारियों का कुल डीए 34 फीसदी हो गया है। गिल ने छह फीसदी डीए दिए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए बकाया चार फीसदी डीए भी जल्दी दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही थी, जिस पर मौजूदा सरकार ने फैसला लिया है, जिसका फिलहाल हम स्वागत करते हैं।

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पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग पूरी करने का एलान करके कर्मचारियों की वाहवाही तो लूट ली लेकिन ही कर्मचारी इस बात को लेकर आशंकित हो गए हैं कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली के नाम पर नई व्यवस्था करने जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को पेंशन के रूप में बेसिक वेतन का 50 फीसदी हिस्सा ही मिलेगा और डीए को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।

सिविल सचिवालय में कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। संबंध में वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल सरकार के फैसले के बारे में नोटिफिकेशन तैयार हो रहा है। ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

है कि 1972 से लागू पुरानी पेंशन स्कीम को 2004 में बंद कर दिया गया था। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर बेसिक वेतन की 50 फीसदी राशि और डीए (जो उस समय लागू हो) पेंशन के रूप में मिलते थे लेकिन 2004 के बाद कर्मचारियों के वेतन से पेंशन की मद में काटी गई 1100 करोड़ रुपये की राशि पंजाब सरकार ने 2021 में नेशनल सिक्योरिटी डिपोजिट लिमिटेड (एनएसडीएल) को दी, जिसने इसे बाजार में लगाया है। इस रकम पर अब एनएसडीएल ब्याज भी देता है, जिसे इसी राशि में जोड़ा जा रहा है, इस तरह सरकार पर पेंशन अदायगी का बोझ घटेगा। एनएसडीएल ने यह राशि कितने साल के लिए बाजार में लगाई है, इसकी जानकारी जुटाकर तय होगा कि यह राशि कब वापस ली जा सकती है।

इस बीच, कैबिनेट के शुक्रवार के फैसले को लेकर कर्मचारी संगठनों ने भी आशंका जताई है कि सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को 2004 से बहाल करते हुए अब पेंशन के रूप में केवल बेसिक वेतन की 50 फीसदी राशि ही देगी, जिसमें डीए नहीं जोड़ा जाएगा।

कर्मचारी संगठनों का मानना ​​​​ कि यदि पेंशन में डीए नहीं जोड़ा गया तो रिटायर्ड कर्मचारी को इसका कोई लाभ नहीं हो सकेगा, क्योंकि समय-समय पर कर्मचारियों के डीए में होने वाला बदलाव, पुरानी पेंशन स्कीम पर भी लागू होता था और पेंशन की थी।

निराश नहीं करने की उम्मीद :

सिविल सचिवालय के साझा मुलाजिम मंच के कन्वीनर सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ऐसी जोर पकड़ चुकी है लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि भगवंत मान सरकार ने जिस तरह मात्र सात महीने में अदायगी दरियादिली , पेंशन भी कर्मचारियों को निराश नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि 6 फीसदी डीए के साथ अब कर्मचारियों का कुल डीए 34 फीसदी हो गया है। गिल ने छह फीसदी डीए दिए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए बकाया चार फीसदी डीए भी जल्दी दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही थी, जिस पर मौजूदा सरकार ने फैसला लिया है, जिसका फिलहाल हम स्वागत करते हैं।

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