Karnataka Hijab Row Supreme Court Verdict On High Court Order Full Timeline From College Protest To Controversy ANN | Karnataka Hijab Row: हिजाब विवाद पर सुप्रीम फैसले से पहले जानें कैसे शुरू हुआ था विवाद, क्या था हाईकोर्ट का फैसला

Karnataka Hijab Row: सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज आएगा. सुबह 10.30 am बजे जस्टिस हेमंत गुप्ता और सुधांशु धूलिया की बेंच फैसला देगी. ये मामला कर्नाटक के स्कूल-कॉलेज में ड्रेस कोड के पालन से जुड़ा है मामला. 15 मार्च को दिए फैसले में हाई कोर्ट ने ड्रेस कोड के पालन के आदेश को सही ठहराया था. भी कहा था कि हिजाब का अनिवार्य हिस्सा है. खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 24 याचिकाएं दाखिल हुई हैं.

मामले की 10 दिन चली सुनवाई के दौरान हिजाब समर्थकों की दलील मुख्य रूप स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद केंद्रित राज्य सरकार ने स्कूल अनुशासन के पर ज़ोर दिया. का समर्थन कर रहे की तरफ से वरिष्ठ वकील , , हुजैफा अहमदी, देवदत्त कामत और संजय हेगडे ने बहस की. कहा कि अगर को एक धार्मिक फ़र्ज़ की तरह मानते हुए लड़कियां यूनिफॉर्म रंग का स्कार्फ अपने सर रखती किसी भी दूसरे छात्र का अधिकार प्रभावित नहीं होता है. , का गलत है.

यूनिफॉर्म पालन करने का दिया आदेश

राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता, के एडवोकेट जनरल प्रभूलिंग के नवाडगी और एडीशनल सॉलीसीटर जनरल के.एम. बहस थी. कहा था कि 2021 तक सभी छात्र यूनिफार्म का पालन कर रहे थे. लेकिन 2022 में हिजाब को लेकर पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने अभियान चलाया. मुस्लिम लड़कियों ने हिजाब पहनकर स्कूल आना शुरू किया तो जवाब हिंदू छात्र भगवा गमछा पहन कर आने लगे. सरकार ने स्कूलों में अनुशासन कायम करने के लिए यूनिफॉर्म के पालन का आदेश दिया.

ने यह भी कहा यूनिफार्म शिक्षण संस्थान तय करते हैं, राज्य सरकार नहीं. नहीं कहा जा सकता है किसी भी कपड़े को पहनने राज्य सरकार ने रोक लगाई. सिर्फ यही चाहती है कि छात्रों के बीच एकता और सद्भावना रहे और स्कूलों में अनुशासित माहौल में पढ़ाई हो सके.

कैसे शुरू हुआ ये पूरा मामला?

मामला अक्टूबर 2021 से शुरू हुआ, जब एक पीयू कॉलेज की कुछ छात्राओं ने हिजाब पहनने की मांग शुरू की. इसके बाद मामला दब गया, लेकिन 31 दिसंबर 2021 को उडुपी के सरकारी पीयू कॉलेज में हिजाब पहनकर आई 6 छात्राओं को क्लास में आने से रोक दिया गया. कॉलेज के बाहर प्रदर्शन हो गया और मामला सुर्खियों में आया. मामला पहुंच था.

19 2022: कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं, उनके माता-पिता और अधिकारियों के साथ बैठक की. का नतीजा निकला.

26 2022: . के विधायक रघुपति भट ने कहा कि जो छात्राएं बिना हिजाब के नहीं आ सकतीं, ऑनलाइन पढ़ाई करें.

27 जनवरी 2022: ऑनलाइन क्लास अटेंड करने से मना किया. ही हुए. ने सोशल मीडिया से कॉलेज के गेट पर भी प्रदर्शन किए.

2 2022: ही कुंडापुर इलाके में सरकारी कॉलेज में भी हिजाब विवाद गर्माया. छात्र और छात्राएं हिजाब के में भगवा पहनकर कॉलेज आए.

3 2022: के सरकारी पीयू कॉलेज में पहनकर आई को रोका गया. कर्नाटक का दूसरा सरकारी कॉलेज था, हिजाब पर बैन लगाया गया.

5 2022: आ रहीं छात्राओं के समर्थन में राहुल गांधी उतरे. ट्वीट किया, हिजाब को शिक्षा के रास्ते में लाकर भारत बेटियों का भविष्य छीना जा रहा है. और गया.

8 2022: कई पर हुईं. एक वीडियो आया जिसमें एक कॉलेज के छात्र तिरंगे के पर भगवा झंडा लगाते दिखे. से पथराव की खबरें भी आईं. बुर्का पहनी एक छात्रा से बदसलूकी की गई. सामने भगवा गमछा पहने ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए.

9 2022: दीक्षित ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं को कोई भी अंतरिम देने से इनकार कर दिया. तीन जजों की बेंच को मामला सौंपा गया. चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस दीक्षित और जस्टिस जेएप खाजी शामिल थे.

11 2022: एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों किसी भी तरह के धार्मिक लिबास नहीं पहने जाएंगे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जल्दी सुनवाई से साफ इनकार कर दिया. सुरक्षा गई.

12 2022: बिगड़ता देख तमाम पीयू कॉलेजों को तीन दिन के लिए करने का आदेश जारी हुआ. 15 कॉलेज रहे. 17 फरवरी को सरकार ने कहा कि हिजाब विवाद सिर्फ 8 हाई स्कूलों और कॉलेजों तक ही सीमित है.

18 फरवरी 2022: एक प्राइवेट कॉलेज के करीब 20 छात्रों और प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हिजाब को लेकर तमाम पर रोक लगाई थी, कॉलेज ने इसका उल्लंघन किया.

24 2022: के शिक्षा मंत्री की तरफ से हाईकोर्ट के का हवाला देते हुए साफ किया किसी भी में सिख धर्म की पगड़ी पर है.

25 फरवरी 2022: हिजाब मामले पर 11 दिनों तक सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट फैसला सुरक्षित रख लिया.

15 मार्च 2022: आखिरकार हिजाब मामले पर अपना फैसला सुनाया और कहा कि धार्मिक लिहाज अनिवार्य नहीं है. संस्थानों में इसे नहीं पहना जा सकता. ने याचिकाकर्ताओं की उस अपील को खारिज किया, जिसमें हिजाब को महिलाओं का मौलिक अधिकार बताया गया था. को आदेश पारित करने का भी कोर्ट ने दिया.

से ही मामला शांत हो गया था और सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई शुरू हुई. सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2022 को हिजाब मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 10 दिन इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चली. अब का है.

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